Vishwa Shaanti 2009

  • 02:57:09 pm on July 20, 2009 | 2

    विवेकानंदजी रामकृष्ण के चेले थे. उनको इश्वर मानते हैं. वह एक बार में पुस्तक पढ़ ले ते थे. उनके पचपन का नाम नरेन्द्र नाथ था.
    सूरज.

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Comments

  • govind goyal,sriganganagar 4:51 am on July 23, 2009 | # | Reply

    thik hai. narayan narayan

  • संगीता पुरी 5:12 pm on July 25, 2009 | # | Reply

    बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।


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